Home GS & GK “बरमूडा त्रिकोण” एक रहस्य | Bermuda triangle in hindi

“बरमूडा त्रिकोण” एक रहस्य | Bermuda triangle in hindi

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Bermuda triangle mystery in hindi

Bermuda triangle in hindi

क्या आप जानते हैं कि अटलांटिक महासागर में एक ऐसा क्षेत्र है जहां से रहस्यमयी  तरीके से कई विमान, नाव और समुद्री जहाज आदि गायब हो गए और उनका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका और न ही दुर्घटनाओं से बचें किसी व्यक्ति का पता चल सका है ।

इस क्षेत्र में कुछ ऐसा होता है कि जैसे ही कोई विमान, समुद्री जहाज या नाव इस क्षेत्र में प्रवेश करते हैं वैसे ही मौसम खराब होता सा दिखाई देने लगता है ,कंपास सही स्थिति बताने लायक नहीं रह जाता और इस तरह से वें अपना संतुलन खो बैठे हैं और फिर इसके बाद वें धरती पर से गायब ही हो जाते हैं ।

आज तक यह कोई नहीं जान सका कि गायब होकर वें कहां जाते हैं ।इस क्षेत्र में ऐसी दुर्घटनाएं लगभग दर्जनों हो चुकी हैं।

इस क्षेत्र में विचित्र प्रकार की हो रही ऐसी  घटनाओं के कारण ही बरमूडा त्रिभुज को शैतानी त्रिभुज या दानवीय त्रिभुज के नाम से भी जाना जाता है।

Bermuda triangle ka rahasya

हम जानते हैं कि यह युग विज्ञान का युग है जहां पर किसी प्रकार के अंधविश्वास का कोई स्थान नहीं है । किसी भी प्रकार की घटना का कोई न कोई वैज्ञानिक कारण अवश्य उपलब्ध है फिर भी हमारे धरती पर बरमूडा त्रिभुज नाम की एक ऐसी जगह है ।जहां पर किसी भी चीज के गायब हो जाने का कोई वैज्ञानिक कारण उपलब्ध नहीं हैं ।

इस क्षेत्र में ऐसा क्यों होता है यह बात अभी तक बड़े से बड़े वैज्ञानिक भी सुलझा नहीं पाए हैं और ना ही वे इस घटना को समझने या विश्लेषण करने के लिए उसे क्षेत्र में जाने की हिम्मत जुटा पाए हैं। फिर भी कुछ लोगों ने समय-समय पर  इस रहस्य को सुलझाने का दावा किया लेकिन अभी तक कोई भी प्रमाणिक कारण नहीं दे पाया है।

वहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि यह क्षेत्र श्रापित है ।इस क्षेत्र के समुद्र के अंदर कोई शैतानी ताकत रहती है जो कि अपने शिकार को अंदर खींच लेती है।

अमेरिकी नौसेना का कहना है कि बरमूडा त्रिभुज (Bermuda triangle ) जैसा कोई भी स्थान नहीं है लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं अक्सर होती ही रहतीं हैं। जिसे कि झुठलाया नहीं जा सकता।

Bermuda triangle Map-

बरमूडा ट्रायंगल Map

बरमूडा त्रिभुज अटलांटिक महासागर के पश्चिमी हिस्से में अमेरिका के दक्षिण पूर्व में स्थित है।फ्लोरिडा, बरमूडा और प्यूटोरिको को मिलाने पर एक लगभग काल्पनिक त्रिभुज का निर्माण होता है ,जिसे बरमूडा त्रिभुज का नाम दिया गया है

 कुछ  घटनाएं

5 दिसंबर सन् 1945 को बमवर्षक विमान फ्लाइट-19 प्रशिक्षण के दौरान बरमूडा त्रिभुज के क्षेत्र में चला गया और अचानक मौसम परिवर्तन और और असामान्य कंपास रीडिंग का सामना करते हुए लापता हो गए जिसको कि फिर कभी दोबारा ढूंढा ना जा सका ।

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सन्1921 में एक घटना तब घटी जब जापानी जहाज रोफूक्कू मारू यह संदेश देने के बाद समुद्र में डूब गया की “अब कटार जैसा खतरा है जल्दी आओ”यहां पर कटार का अर्थ सम्भवतः जल की भयानक धारा हो सकती है। वह जापानी जहाज बहुत ही भयानक तुफान में फंस चुका था। एक अन्य RMS होमेरिक समुद्री जहाज ‌‌ने उसे बचाने का भी प्रयास किया परंतु असफल रहा ।वास्तव में यह जापानी जहाज बरमूडा त्रिभुज के आसपास भी नहीं था बल्कि यह उत्तरी अटलांटिक महासागर में डूबा था परंतु फिर भी बरमूडा त्रिभुज में डूबने की अफवाहें उड़ने लगी।

मेरी सेलेस्टी सन् 1962 में रहस्यमय तरीके  से लापता हो गया था। इस के लापता होने का कारण भी काफी हद तक अस्पष्ट रूप से बरमूडा त्रिभुज को ही मान लिया गया। इस प्रकार से ऐसी अनेकों घटनाएं हैं जो प्रत्यक्ष या  अप्रत्यक्ष रुप से बरमूडा त्रिभुज से जुड़ी हुई है।   जिनका अभी तक कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जा सकता है।

दिए गए सिद्धांत-

वैज्ञानिकों ने बरमूडा त्रिभुज के आसपास के क्षेत्रों को बारीकी से अध्ययन करके इस क्षेत्र में होने वाली घटनाओं से पर्दा उठाने का दावा किया है ।उनका कहना है कि बरमूडा त्रिभुज के ऊपर बहुत ही जानलेवा बादल होते हैं जो कि बहुत ही घने होते हैं और बहुत ही अधिक दूरी में फैले होते हैं ।लगभग 30 से 55 मील दूरी तक यह बादल फैले हुए हैं ।इन बादलों के अंदर तूफान भी उठते हैं ।ऐसी परिस्थिति में यदि कोई विमान यहां से गुजरता है तो वास्तव में निकल पाना बहुत ही मुश्किल हो सकता है जिसके कारण वे अपना संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है। वैज्ञानिकों को आगे कहना है कि जानलेवा बादलों के कारण बरमूडा त्रिभुज के ऊपर बहुत ही तेज गति से हवाएं चलती है जिसकी चपेट में आने के कारण समुद्री जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

Bermuda triangle in hindi

कुछ शोध के अनुसार यह पता चलता है कि इस क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा मीथेन गैस का रिसाव होता है जिसके कारण यहां के पानी का घनत्व बहुत कम हो जाता है और जिससे कि समुद्री जहाज इस क्षेत्र में डूब जाते हैं और और इस गैस के चपेट में आने के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

कुछ लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र बहुत ही अधिक होता है जिसके कारण वह किसी भी वस्तुओं को अपनी ओर खींच लेता है। बरमूडा त्रिभुज का सर्वप्रथम उल्लेख क्रिस्टोफस कोलम्बस के जर्नल्स से प्राप्त होता है।जर्नल्स के अनुसार जैसे ही वह बरमूडा ट्राएंगल पहुंचता है उसे आकाश में आग के गोले दिखाई देते हैं और उसका कंपास काम कर देना बंद कर देता है।

बरमूडा त्रिकोण के रहस्य को सुलझाने का प्रयास आज भी जारी है भिन्न भिन्न प्रकार के सिद्धांत और शोध लाए जाते हैं परंतु कोई भी प्रमाणित नहीं हो पाता है ।यदि इन घटनाओं को मात्र एक दुर्घटना भी माना नहीं जा सकता क्योंकि मात्र यदि यह दुर्घटनाएं होती तो उनका मलबा भी तों कहीं से प्राप्त होता परंतु वह मालवा भी कहीं गायब हो जाता है और उसमें के लोग भी।

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